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राष्ट्रीय व्यावसायिक स्वास्थ्य संस्थान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के तहत भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में एक प्रमुख संस्थान है. देश में व्यावसायिक स्वास्थ्य में अनुसंधान जरूरत को सर्वप्रथम भारतीय रिसर्च फंड एसोसिएशन (IRFA), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा सराहना की गई. 1945 में आई आर ऍफ़ ए ने कर्नल बोज्मन की अध्यक्षता में एक औद्योगिक स्वास्थ्य सलाहकार समिति (IHAC) की स्थापना की. इस समिति की सिफारिशों के अनुसार 1947 में अखिल भारतीय स्वच्छता एवं लोक स्वास्थ संस्थान कोलकाता में एक औद्योगिक स्वास्थ्य अनुसंधान यूनिट बनाया गया था. 1956 में दूसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान औद्योगिक स्वास्थ्य सलाहकार समिति ने भारत सरकार को प्राथमिकता से व्यावसायिक स्वास्थ्य अनुसंधान कि एक संस्थान की स्थापना करने की सिफारिश की.
राष्ट्रीय व्यावसायिक स्वास्थ्य संस्थान (NIOH), अहमदाबाद, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा स्थापित किया गया. वर्ष 1966 में बी.जे. मेडिकल कॉलेज में "व्यावसायिक स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान" अहमदाबाद, के रूप में कार्य करना शुरू किया और 1970 में " राष्ट्रीय व्यावसायिक स्वास्थ्य संस्थान" के रूप में नामकरण किया गया था तथा वर्तमान परिसर में ले जाया गया. दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों की स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए संस्थान दो क्षेत्रीय व्यावसायिक स्वास्थ्य केन्द्र बंगलौर (1977) और कोलकाता (1980) में स्थापना की.
व्यावसायिक स्वास्थ्य एक निरंतर गतिविधि है और इस उद्देश्य के साथ की समाज के सभी व्यवसायों में श्रमिकों का शारीरिक, मानसिक और सामाजिक संवर्धन हो. राष्ट्रीय व्यावसायिक स्वास्थ्य संस्थान निम्नलिखित उद्देश्यों के साथ स्थापित किया गया है:


  • कार्यस्थल पर पर्यावरण तनाव / कारकों का मूल्यांकन करने के लिए गहन अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए.
  • मौलिक और अनुप्रयुक्त अनुसंधान के माध्यम से व्यावसायिक स्वास्थ्य के उच्चतम गुणवत्ता को बढ़ावा देने.
  • बुनियादी और मौलिक अनुसंधान के माध्यम से नियंत्रण प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य कार्यक्रमों को विकसित करना और क्षेत्र में मानव संसाधन पैदा करने के लिए.

 

 

 

 

 

 

 

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